“क्या चाहिए ?”, अचानक एक स्वर ने मुझे चैतन्य किया I किसी ने शायद मेरी आँखों में उस बच्ची के प्रति भा... “क्या चाहिए ?”, अचानक एक स्वर ने मुझे चैतन्य किया I किसी ने शायद मेरी आँखों में ...
हे प्राणी तुझे नहीं पता तू किसके भाग्य का खा कमा रहा है.. हे प्राणी तुझे नहीं पता तू किसके भाग्य का खा कमा रहा है..
यहां आपके हाथों की हथेलियों में सीखने की कोई रेखा नहीं है यहां आपके हाथों की हथेलियों में सीखने की कोई रेखा नहीं है
बोल के लब आज़ाद हैं तेरे" बोल के ज़ुबाँ अब तक तेरी है, तेरा सुतवां जिस्म है तेरा, ... बोल के लब आज़ाद हैं तेरे" बोल के ज़ुबाँ अब तक तेरी है, तेरा सुतवां ...
जाति-बंधन और जीवन-मृत्यु की कोई सीमा-रेखा नहीं।बस मिलन ही मिलन।रुह का मिलन। जाति-बंधन और जीवन-मृत्यु की कोई सीमा-रेखा नहीं।बस मिलन ही मिलन।रुह का मिलन।
पागल ही है तू अभी भी, शिवकली ने उसे दुलारा। पागल ही है तू अभी भी, शिवकली ने उसे दुलारा।